modi in eu
1. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 24 जून को अपने तीन देशों के दौरे पर पुर्तगाल, अमेरिका और नीदरलैंड रवाना हुए ।
2. प्रधानमंत्री मोदी पुर्तगाल में प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा से मुलाकात करेंगे।
3. कोस्टा जनवरी, 2017 में बेंगलूर में आयोजित 14 वीं प्रवासी भारतीय दिवस पर मुख्य अतिथि थे। उनका जन्म 1961 में लिस्बन में हुआ था और गोवा में उनके कई रिश्तेदार हैं। 1961 तक गोवा का एक पुर्तगाली उपनिवेश रहा है|
4. द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को गहरा करने के अलावा विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, आतंकवाद के खिलाफ लड़ने सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए दोनों देशों के साथ काम करने की उम्मीद है।
5. इसके बाद प्रधानमंत्री ट्रम्प के निमंत्रण पर अमेरिका जायेंगे । व्यापार, निवेश, H1B वीजा मुद्दे, आतंकवाद का मुकाबला, जलवायु परिवर्तन और आक्रामक चीन चर्चा के प्रमुख विषय हैं।
6. अमेरिका की दो दिवसीय यात्रा के बाद, प्रधान मंत्री मोदी ने नीदरलैंड्स जायेंगे । 2017 में दोनों देशों अपने राजनयिक संबंधों के 70 वर्षों मना रहे है।
7. इन दोनों देशों के बीच आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन सहित कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत को नीदरलैंड से, मानव और आर्थिक विकास के क्षेत्र में प्रगति लिए बहुत कुछ सीखना है।
8. यूरोप भारत का बड़ा बाजार है किन्तु वैश्विक मंदी के दौरान भारतीय निर्यात धीमा हो गया था, जिसे वर्त्तमान समय में बेहतर होने की संभावना है। यूरोपीय देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर भी बातचीत की जा रही है, जिससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा|
8. नीदरलैंड क्यों ?
9. यूरोपीय संघ के साथ भारत के 45 अरब डॉलर के व्यापार का 20% हिस्सा नीदरलैंड्स से गुजरता है ब्रेक्सिट के बाद, यह अच्छी संभावना है कि नीदरलैंड यूरोप में भारतीय निर्यात और पूंजी का एक वैकल्पिक केंद्र बन सकता है।
10. इसके अलावा, 2020 के बाद, जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए $ 100 बिलियन का निधि परिचालन करना अपेक्षित है। लेकिन पेरिस सिद्धांतों पर संयुक्त राज्य अमेरिका के पीछे हटने की वजह से जलवायु परिवर्तन से बचने के लिए योजना और स्वैच्छिक प्रतिबद्धता खतरे में पद गयी है |
11. जलवायु परिवर्तन के एक दृश्य में, भारत को एक बड़ा शिकार होने का खतरा है इसलिए प्रभावों को कम करने के लिए भारत की भूमिका भी अधिक है। अत: भारत को उन समृद्ध यूरोपीय देशों और भागीदारों की जरूरत है, जो इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हैं|
12. आर्कटिक और अंटार्कटिक बर्फ के पिघलने से मीथेन गैस की मुक्ति का खतरा बनता है जिससे विश्व भर में जीव जंतु पर विलुप्तीकरण का खतरा मंडराएगा|
13. पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों के साथ गहरा सहयोग एक अतिरिक्त लाभ यह है की फुटबॉल के लिए जुनून उस देश में आयात किया जा सकता है, जिसका क्रिकेट धर्म है जिसके देवताओं का निर्णय चौकों और छक्के की संख्या के आधार पर किया जाता है!